ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता समाप्त होने के कुछ घंटे बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किया है। यह आदेश अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच लागू किया गया है।

स्रोतों के अनुसार, इस कदम का मकसद ईरान पर अर्थव्यवस्था और सैन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए दबाव बढ़ाना है। अमेरिकी प्रशासन ने बताया कि यह आदेश ईरान के तेल निर्यात और वित्तीय लेनदेन पर प्रभाव डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यकारी आदेश और वार्ता के बीच का समय अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और अमेरिका की नीति में जटिल स्थिति को दर्शाता है। इसके असर से क्षेत्रीय सुरक्षा, तेल बाजार और वैश्विक राजनीतिक स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है, जबकि ईरान ने वार्ता के बाद भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।