नई दिल्ली।
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे का माहौल बना हुआ है। विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। खासकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और बजट प्रावधानों को लेकर विपक्ष ने सदन में बहस की मांग की, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। इसी को लेकर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया।

सरकार की ओर से कहा गया कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देना भी विपक्ष की जिम्मेदारी है। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले कुछ घंटों के लिए और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इस बीच वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे, सड़क-रेल परियोजनाओं, सामाजिक क्षेत्र और आर्थिक सुधारों पर जोर दिया गया है। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास और रोजगार को गति देगा।
वहीं विपक्ष का कहना है कि बजट आम जनता की समस्याओं को हल करने में विफल रहा है और व्यापार समझौते जैसे संवेदनशील विषयों पर संसद में खुली चर्चा जरूरी है।
बजट सत्र के आगामी दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है ।